
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और नागरिकों में डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चलाया गया 15 दिवसीय राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान #SafeClick2_0 का गुरुवार को भोपाल में आयोजित भव्य समापन समारोह के साथ सफलतापूर्वक समापन हो गया। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते डिजिटल युग में साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जनजागरूकता है। उन्होंने कहा कि “साइबर अपराधों की रोकथाम में जागरूकता ही सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है।”
पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने अभियान की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि #SafeClick2_0 के अंतर्गत पूरे प्रदेश में 8,600 से अधिक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से 1 करोड़ से अधिक नागरिकों तक प्रत्यक्ष रूप से साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। इसके साथ ही डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से 6 करोड़ से अधिक लोगों तक सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और साइबर अपराधों से बचाव संबंधी जानकारी पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रदेश के प्रत्येक जिले, शहर, कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचा, जहां पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि आज के समय में ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स और डिजिटल सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही साइबर अपराधी भी नए-नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का सतर्क और जागरूक होना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक खाते की जानकारी या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें तथा संदिग्ध कॉल और संदेशों से सावधान रहें।
श्री मकवाणा ने नागरिकों से राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 को हमेशा याद रखने का आग्रह करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी होती है तो उसे बिना देरी किए तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से कई मामलों में ठगी गई राशि को रोकने और वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है जब पुलिस और समाज मिलकर कार्य करें। जागरूक नागरिक, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और समय पर शिकायत ही साइबर अपराधों के विरुद्ध सबसे बड़ा हथियार हैं। मध्यप्रदेश पुलिस भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता अभियान लगातार चलाती रहेगी ताकि अधिक से अधिक लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंच सके।
समापन समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर) श्री ए. साईं मनोहर, भोपाल पुलिस आयुक्त श्री संजय कुमार, मध्यप्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, सामुदायिक पुलिस के सदस्य तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अभियान की सफलता में सहयोग देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विभिन्न संस्थाओं के योगदान की सराहना भी की गई।
मध्यप्रदेश पुलिस का #SafeClick2_0 अभियान प्रदेश में साइबर सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है। अभियान ने यह संदेश दिया कि सुरक्षित डिजिटल भविष्य के निर्माण के लिए केवल तकनीकी व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जागरूकता, सतर्कता और सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। पुलिस विभाग ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं भी साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाएं।










