
भोपाल। राजधानी भोपाल के बिट्टन मार्केट में आयोजित ‘उमंग आर्ट एंड क्राफ्ट सिल्क एक्सपो’ का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए बुनकरों, हस्तशिल्प कलाकारों और उद्यमियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके कार्यों की सराहना की गई। कार्यक्रम में पारंपरिक हस्तकरघा, सिल्क उत्पादों और हस्तशिल्प कलाओं की विविधता ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
इस अवसर पर कहा गया कि उमंग आर्ट एंड क्राफ्ट सिल्क एक्सपो भारत की समृद्ध हस्तकरघा परंपरा, सिल्क उद्योग और पारंपरिक शिल्प कला की अद्भुत झलक प्रस्तुत कर रहा है। देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकारों द्वारा प्रदर्शित उत्कृष्ट हस्तनिर्मित वस्त्र, कलाकृतियां और पारंपरिक उत्पाद भारतीय संस्कृति, कला और विरासत की समृद्ध पहचान को सशक्त रूप से सामने रखते हैं।
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ऐसे आयोजन ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को मजबूती प्रदान करते हैं। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने से न केवल पारंपरिक कला और शिल्प का संरक्षण होता है, बल्कि देश के लाखों बुनकरों, कारीगरों और लघु उद्यमियों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा नए बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलता है।
एक्सपो में विभिन्न राज्यों के रेशमी वस्त्र, हैंडलूम उत्पाद, पारंपरिक परिधान, हस्तनिर्मित सजावटी सामग्री, कलात्मक वस्तुएं और घरेलू उपयोग के अनेक उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने इन उत्पादों में रुचि दिखाई और स्थानीय शिल्पकारों के कार्यों की सराहना की।

इस अवसर पर कहा गया कि ऐसे एक्सपो केवल व्यापारिक मंच नहीं होते, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कौशल और लोककलाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का माध्यम भी बनते हैं। इन आयोजनों से शिल्पकारों और बुनकरों को सीधे ग्राहकों से जुड़ने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होती है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलती है।
आयोजकों ने बताया कि एक्सपो में देशभर से आए बुनकरों और हस्तशिल्प कलाकारों के उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं, जिससे भोपालवासियों को भारत की विविध कला एवं संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग एक्सपो का अवलोकन कर हस्तनिर्मित उत्पादों की खरीदारी भी कर रहे हैं।









