
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, तीन वर्ष के लिए भरे जाएंगे रिक्त पद
भोपाल। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विभाग ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) में लंबे समय से रिक्त पड़े विशेषज्ञ चिकित्सकों के पदों को भरने के लिए अपने स्तर पर तीन वर्ष की अवधि के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति करने का फैसला किया है। इस निर्णय से प्रदेश के ग्रामीण एवं अर्द्धशहरी क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी।
विभाग के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण कई स्थानों पर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा था। इसे ध्यान में रखते हुए रिक्त पदों को शीघ्र भरने का निर्णय लिया गया है। नियुक्ति प्रक्रिया विभागीय स्तर पर निर्धारित नियमों एवं पात्रता के आधार पर पूरी की जाएगी।
इस निर्णय के तहत विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति तीन वर्ष की अवधि के लिए की जाएगी। नियुक्त चिकित्सकों को संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ किया जाएगा, जिससे सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग, मेडिसिन सहित अन्य विशेषज्ञ सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। इससे जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों पर बढ़ने वाला मरीजों का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उसके क्षेत्र के निकट ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से गंभीर बीमारियों के उपचार में तेजी आएगी, रेफरल की संख्या कम होगी तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार होगा।

विभाग का मानना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति से ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं बेहतर होंगी और मरीजों को समय पर विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के इस निर्णय को प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की सेवाएं अधिक प्रभावी बनेंगी और आम नागरिकों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।









