
उपभोक्ता अधिकारों, सेवा मानकों और समयबद्ध शिकायत समाधान पर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन
सुरजपुर। बिजली उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, विद्युत सेवा मानकों तथा शिकायत निवारण की प्रक्रिया से अवगत कराने के उद्देश्य से सुरजपुर में एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में घरेलू और गैर-घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला में बताया गया कि अधिकांश उपभोक्ता बिजली बिल जमा करने तक ही अपनी जिम्मेदारी समझते हैं, जबकि उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि बिजली से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे शिकायत दर्ज कराने, समयबद्ध समाधान प्राप्त करने और आवश्यक होने पर प्रतिकर राशि पाने के भी अधिकार रखते हैं। इसी जागरूकता के अभाव को दूर करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध विद्युत सेवा प्राप्त करना प्रत्येक उपभोक्ता का अधिकार है। यदि बिजली वितरण कंपनी निर्धारित सेवा मानकों का पालन नहीं करती या शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं करती, तो उपभोक्ता संबंधित मंचों पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
सेवा मानकों और शिकायत प्रक्रिया की जानकारी
कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित सेवा मानकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि नए बिजली कनेक्शन, निम्न दाब कनेक्शन का परिवर्तन, मीटर संबंधी शिकायतें, खराब अथवा जले हुए मीटर का प्रतिस्थापन, बिजली बिल में त्रुटि, सुरक्षा निधि की वापसी, विद्युत कनेक्शन विच्छेदन एवं पुनः जोड़ना, लो-वोल्टेज की समस्या, नाम परिवर्तन, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत नेट मीटरिंग तथा अन्य विद्युत सेवाओं के लिए विद्युत वितरण कंपनी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सेवा उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
यदि किसी सेवा में विलंब होता है या शिकायत का समाधान निर्धारित समय में नहीं किया जाता, तो उपभोक्ता विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। कार्यशाला में यह भी बताया गया कि शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया सरल है और उपभोक्ता संबंधित दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
डॉ. के. सेनी ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के अध्यक्ष डॉ. के. सेनी ने कहा कि उपभोक्ता जागरूकता से ही बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि नए बिजली कनेक्शन, मीटर संबंधी शिकायतें, बिलिंग त्रुटियां, लो-वोल्टेज, नाम परिवर्तन तथा नेट मीटरिंग जैसी सेवाओं के लिए विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि तय समय के भीतर शिकायतों का समाधान नहीं किया जाता या सेवा मानकों का पालन नहीं होता, तो उपभोक्ता विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। फोरम उपभोक्ताओं की शिकायतों की सुनवाई कर संबंधित विद्युत वितरण कंपनी को आवश्यक निर्देश दे सकता है।
प्रतिपूर्ति राशि और उपभोक्ता अधिकारों पर जोर
कार्यशाला में उपभोक्ताओं को यह जानकारी भी दी गई कि सेवा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में उन्हें प्रतिपूर्ति राशि प्राप्त करने का अधिकार हो सकता है। अधिकारियों ने कहा कि यदि विद्युत वितरण कंपनी निर्धारित समय में सेवा प्रदान करने में असफल रहती है, तो उपभोक्ता नियमानुसार प्रतिकर राशि के लिए दावा कर सकते हैं।
इसके अलावा शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, संबंधित कार्यालयों की भूमिका, आवश्यक दस्तावेजों और शिकायत की स्थिति की जानकारी प्राप्त करने के तरीकों को भी सरल भाषा में समझाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित उपभोक्ताओं को यह भी बताया गया कि वे अपनी शिकायतों के समाधान के लिए पहले संबंधित विद्युत कार्यालय से संपर्क करें और समाधान न मिलने पर उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराएं।
अधिकारियों ने दिए व्यावहारिक सुझाव
कार्यशाला में अधीक्षण अभियंता राजेश लकड़ा, कार्यपालन अभियंता बसंत सोम, सहायक अभियंता वंशराज मरकाम, प्रतीक बारा, आशिष लकड़ा, विवेक पैकरा, अमर सिंह कंवर सहित विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को बिजली बिल की नियमित जांच करने, मीटर रीडिंग की पुष्टि करने, किसी भी त्रुटि की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने और सभी दस्तावेजों की प्रतियां सुरक्षित रखने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ता यदि समय रहते अपनी शिकायत दर्ज कराते हैं और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते हैं, तो शिकायतों का समाधान अधिक तेजी और प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
उपभोक्ताओं ने पूछे सवाल
कार्यशाला के दौरान उपभोक्ताओं ने बिजली बिल में त्रुटि, मीटर खराब होने, वोल्टेज की समस्या, नए कनेक्शन में देरी, सुरक्षा निधि की वापसी और नेट मीटरिंग जैसी समस्याओं से संबंधित कई प्रश्न पूछे। अधिकारियों ने प्रत्येक प्रश्न का विस्तार से उत्तर देते हुए संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
उपभोक्ताओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें पहली बार अपने अधिकारों और शिकायत निवारण की प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट जानकारी मिली है। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार की जागरूकता कार्यशालाओं के आयोजन की आवश्यकता बताई।
जागरूक उपभोक्ता ही मजबूत व्यवस्था की आधारशिला
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने कहा कि जागरूक उपभोक्ता ही बेहतर और जवाबदेह विद्युत व्यवस्था की आधारशिला होते हैं। जब उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों और शिकायत निवारण की प्रक्रिया की सही जानकारी होती है, तब वे अपनी समस्याओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकते हैं और विभाग भी अधिक पारदर्शी तथा उत्तरदायी तरीके से कार्य करने के लिए प्रेरित होता है।
उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग का उद्देश्य केवल बिजली आपूर्ति करना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध कराना और उनकी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना भी है। इस दिशा में जागरूकता कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यशाला में बड़ी संख्या में विद्युत उपभोक्ताओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के माध्यम से उपभोक्ताओं को यह संदेश दिया गया कि वे केवल बिजली बिल भरने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने अधिकारों को जानें, समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध प्रक्रियाओं का उपयोग करें और विद्युत सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में सक्रिय भूमिका निभाएं।









