
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी रहे उपस्थित
भोपाल, 20 जुलाई। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के प्रथम दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा परिसर में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, कैबिनेट एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय तथा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार भी उपस्थित रहे। इस मुलाकात को लोकतांत्रिक परंपराओं, सदन की गरिमा और स्वस्थ संसदीय संवाद का सकारात्मक संदेश माना जा रहा है।
मानसून सत्र की शुरुआत के साथ हुई यह शिष्टाचार भेंट सौहार्दपूर्ण राजनीतिक वातावरण और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सभी पक्षों की प्रतिबद्धता का प्रतीक रही। बैठक के दौरान विधानसभा की गरिमा बनाए रखते हुए जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा और सकारात्मक संवाद की आवश्यकता पर बल दिया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर का अभिनंदन करते हुए उनके अनुभव और संसदीय परंपराओं के प्रति समर्पण की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विधानसभा अध्यक्ष के कुशल नेतृत्व में मानसून सत्र की कार्यवाही सुचारु, गरिमामय और जनहितकारी ढंग से संचालित होगी।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने भी लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाने में विधानसभा की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सदन जनभावनाओं की अभिव्यक्ति का सर्वोच्च मंच है, जहां प्रदेश के विकास और जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया जाता है।
कैबिनेट एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सरकार मानसून सत्र में रचनात्मक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सत्ता और विपक्ष दोनों मिलकर प्रदेश के विकास तथा जनकल्याण से जुड़े विषयों पर सकारात्मक सहयोग देंगे।
नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार की उपस्थिति ने भी यह संदेश दिया कि लोकतंत्र में स्वस्थ संवाद और संसदीय परंपराओं का सम्मान सर्वोपरि है। सत्ता और विपक्ष दोनों की सहभागिता से सदन की कार्यवाही अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मानसून सत्र के पहले दिन हुई यह शिष्टाचार भेंट सदन में स्वस्थ लोकतांत्रिक वातावरण बनाए रखने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। आगामी दिनों में सरकार विभिन्न विधेयकों, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को सदन के समक्ष प्रस्तुत करेगी, वहीं विपक्ष भी जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएगा।
प्रदेशवासियों की अपेक्षा है कि मानसून सत्र के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, अधोसंरचना, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा तथा प्रदेश के समग्र विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा होगी और ऐसे निर्णय लिए जाएंगे जो मध्यप्रदेश के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगे।









