
सिंगरौली।
सिंगरौली जिले में न्यायिक अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में निर्माणाधीन जिला न्यायालय भवन के कार्यों का आज निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके के साथ निर्माण स्थल का अवलोकन करते हुए भवन निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता तथा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।
निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन न्यायालय भवन के विभिन्न हिस्सों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति, प्रगति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी प्राप्त की गई। निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता किए बिना सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएँ। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों का पूरी तरह पालन हो।
निरीक्षण के दौरान कहा गया कि आधुनिक एवं सुसज्जित जिला न्यायालय भवन का निर्माण न्यायिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नए भवन के तैयार होने के बाद न्यायालयीन कार्यों के संचालन में सुविधा बढ़ेगी तथा अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और न्यायालय में आने वाले नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इससे न्यायिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और आमजन को अधिक व्यवस्थित वातावरण में न्यायिक सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
समीक्षा के दौरान भवन में प्रस्तावित विभिन्न सुविधाओं, कार्यालयों, न्यायालय कक्षों, अधिवक्ताओं के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली व्यवस्थाओं तथा आम नागरिकों के लिए विकसित की जा रही सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भवन का प्रत्येक भाग आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाए ताकि भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जा सके।
निरीक्षण के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि किसी भी सार्वजनिक भवन का निर्माण केवल समय पर पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता और दीर्घकालिक उपयोगिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसलिए निर्माण कार्यों की प्रत्येक अवस्था की नियमित निगरानी की जाए तथा तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा समय-समय पर गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर कहा गया कि न्यायपालिका लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। ऐसे में न्यायालयों की अधोसंरचना का सुदृढ़ होना न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त न्यायालय भवन न केवल न्यायिक कार्यों के सुचारु संचालन में सहायक होंगे, बल्कि आम नागरिकों को भी अधिक सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराएँगे।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए। यदि किसी स्तर पर तकनीकी या प्रशासनिक समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि परियोजना समय पर पूर्ण होकर आमजन को समर्पित की जा सके।
बैठक में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार प्रदेश में न्यायिक, प्रशासनिक और अन्य सार्वजनिक अधोसंरचना के विकास को प्राथमिकता दे रही है। विभिन्न जिलों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त शासकीय भवनों का निर्माण कर नागरिकों को बेहतर सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। सिंगरौली का नया जिला न्यायालय भवन भी इसी विकास दृष्टि का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री एवं प्रभारी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों से कहा कि परियोजना की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाए। उन्होंने निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए कि कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखते हुए निर्धारित तकनीकी मानकों का पूर्ण पालन किया जाए।
इस अवसर पर सिंगरौली विधायक श्री राम निवास शाह, देवसर विधायक श्री राजेन्द्र कुमार मेश्राम, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री सुंदर लाल शाह, नगर निगम अध्यक्ष श्री देवेश पाण्डेय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अर्चना सिंह, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री विपिन शाह, कलेक्टर श्री गौरव बेनाल सहित वरिष्ठ अधिवक्तागण एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने निर्माण कार्यों का अवलोकन किया तथा न्यायालय भवन के शीघ्र पूर्ण होने से जिले की न्यायिक व्यवस्था को मिलने वाले लाभों पर चर्चा की।
निरीक्षण के अंत में विश्वास व्यक्त किया गया कि निर्माणाधीन आधुनिक जिला न्यायालय भवन के समयबद्ध पूर्ण होने के बाद सिंगरौली जिले की न्यायिक अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी। इससे न्यायिक कार्यों का संचालन अधिक सुव्यवस्थित होगा, अधिवक्ताओं और न्यायालयीन कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा तथा आम नागरिकों को न्यायिक सेवाओं का लाभ अधिक सुगमता और सुविधा के साथ प्राप्त हो सकेगा।









