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गुना पुलिस की तकनीकी दक्षता का उत्कृष्ट परिणाम, 79 गुम मोबाइल बरामद

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HQ Report
करीब 15.80 लाख रुपये कीमत के मोबाइल वास्तविक मालिकों को लौटाए, पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम में एसपी हितिका वासल ने किए सुपुर्द
CEIR पोर्टल और आधुनिक तकनीक से दो माह में मिली बड़ी सफलता, मोबाइल वापस पाकर खिले नागरिकों के चेहरे
गुना। आमजन की गुम हुई संपत्ति को खोजकर उसे वास्तविक मालिक तक पहुंचाने के लिए गुना पुलिस द्वारा लगातार किए जा रहे तकनीक आधारित प्रयासों को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन में गुना पुलिस की साइबर टीम ने आधुनिक तकनीकी संसाधनों तथा केंद्र सरकार के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की सहायता से पिछले दो माह के दौरान करीब 15.80 लाख रुपये अनुमानित कीमत के 79 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोन की बरामदगी के बाद बुधवार, 2 सितंबर 2026 को गुना पुलिस कंट्रोल रूम में एक कार्यक्रम आयोजित कर सभी बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को विधिवत सुपुर्द किए गए। लंबे समय से अपने मोबाइल फोन के वापस मिलने की प्रतीक्षा कर रहे नागरिकों के लिए यह अवसर विशेष खुशी का रहा। मोबाइल हाथ में आते ही कई लोगों के चेहरे पर प्रसन्नता और संतोष दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन आज आम नागरिक के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। इनमें संपर्क नंबर, जरूरी दस्तावेजों से संबंधित जानकारी, फोटो, वीडियो, बैंकिंग अथवा डिजिटल सेवाओं से जुड़ी सूचनाएं और अन्य व्यक्तिगत सामग्री सुरक्षित रहती है। ऐसे में मोबाइल फोन का गुम होना केवल एक वस्तु के खोने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि व्यक्ति को अनेक प्रकार की व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए गुना पुलिस द्वारा गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की सूचना प्राप्त होने के बाद तकनीकी माध्यमों से उनकी तलाश एवं ट्रैकिंग की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के नेतृत्व में साइबर सेल और संबंधित थानों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्राप्त आवेदनों का तकनीकी विश्लेषण करते हुए CEIR पोर्टल के माध्यम से मोबाइल उपकरणों की जानकारी को ट्रैक किया। लगातार किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप विभिन्न स्थानों पर उपयोग में आ रहे गुम मोबाइल फोन की पहचान एवं बरामदगी संभव हुई। दो माह के भीतर 79 मोबाइल फोन बरामद होना गुना पुलिस की तकनीक आधारित पुलिसिंग की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है। बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 15 लाख 80 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से उन नागरिकों को राहत मिली, जिन्होंने अपने मोबाइल फोन के गुम होने के बाद संबंधित पुलिस थानों में आवेदन देकर उनकी तलाश का अनुरोध किया था। बरामद मोबाइल फोन को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके वास्तविक स्वामियों को वापस किया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को यह भी संदेश दिया कि मोबाइल फोन के गुम होने की स्थिति में समय गंवाए बिना पुलिस को इसकी सूचना देना आवश्यक है, ताकि तकनीकी माध्यमों से उसकी तलाश की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जा सके। गुना पुलिस द्वारा इस अभियान को केवल मोबाइल बरामदगी तक सीमित न रखते हुए आमजन में तकनीक के सुरक्षित उपयोग और पुलिस से समय पर संपर्क की भावना को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
तकनीक के माध्यम से गुम मोबाइलों की तलाश बनी प्रभावी व्यवस्था: गुना पुलिस द्वारा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए CEIR पोर्टल सहित आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया गया। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से जब नागरिकों के मोबाइल गुम होने की सूचनाएं पुलिस के पास पहुंचीं, तब संबंधित जानकारी को व्यवस्थित रूप से संकलित कर तकनीकी टीम द्वारा उसका विश्लेषण किया गया। CEIR यानी Central Equipment Identity Register व्यवस्था का उपयोग मोबाइल उपकरणों की पहचान और उन्हें ट्रैक करने की प्रक्रिया में किया जाता है। मोबाइल फोन के विशिष्ट पहचान क्रमांक सहित उपलब्ध तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम द्वारा उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई और उपलब्ध सूचनाओं का विश्लेषण किया गया। इस प्रक्रिया में अलग-अलग स्थानों से मोबाइल फोन के उपयोग में आने की जानकारी प्राप्त होने पर संबंधित स्तर पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बरामद किया गया। गुना जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के अलावा दूसरे जिलों और स्थानों से भी मोबाइल फोन की बरामदगी से यह स्पष्ट हुआ कि गुम मोबाइल कई बार अपने मूल स्थान से दूर पहुंच जाते हैं। ऐसे मामलों में केवल पारंपरिक स्तर पर तलाश करना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि तकनीकी माध्यमों की सहायता से उनकी पहचान और लोकेशन संबंधी जानकारी प्राप्त करना महत्वपूर्ण हो जाता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए गुना पुलिस की साइबर टीम द्वारा तकनीकी दक्षता का उपयोग किया गया। पुलिस के सुनियोजित प्रयासों के कारण 79 नागरिकों को उनके गुम मोबाइल फोन वापस मिल सके। इस कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक महेन्द्र सिंह चौहान, आरक्षक कुलदीप यादव, आरक्षक भूपेन्द्र खटीक, आरक्षक अभय रघुवंशी और महिला आरक्षक पूजा गुप्ता सहित जिले के विभिन्न थानों में CEIR पोर्टल पर कार्यरत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम द्वारा उपलब्ध तकनीकी जानकारी का परीक्षण, मोबाइल उपकरणों की पहचान, संबंधित स्थानों पर संपर्क एवं आवश्यक कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों से प्राप्त प्रत्येक गुम मोबाइल संबंधी आवेदन को गंभीरता से लेकर उसकी तकनीकी जांच की जा रही है। इसके लिए साइबर सेल और थाना स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का समन्वित उपयोग किया जाता है। मोबाइल फोन की बरामदगी में समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए नागरिकों से अपील की गई है कि मोबाइल गुम होते ही तत्काल पुलिस को सूचना दें। समय पर सूचना मिलने से मोबाइल की पहचान और तकनीकी ट्रैकिंग की प्रक्रिया प्रारंभ करने में सुविधा होती है। इसके साथ ही नागरिकों को अपने मोबाइल फोन का पहचान क्रमांक, बिल अथवा अन्य उपलब्ध विवरण सुरक्षित रखने की सलाह भी उपयोगी मानी जाती है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को सही जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। गुना पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का उदाहरण है कि आधुनिक तकनीक और पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता का समन्वय आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। मोबाइल फोन जैसे व्यक्तिगत उपयोग के उपकरणों की बरामदगी से नागरिकों को आर्थिक नुकसान से राहत मिलने के साथ-साथ उनके महत्वपूर्ण डिजिटल डेटा और संपर्कों को वापस प्राप्त करने में भी सहायता मिलती है। पुलिस द्वारा की गई यह पहल आमजन और पुलिस के बीच सहयोग एवं विश्वास को मजबूत करने की दिशा में भी उपयोगी साबित हो रही है।
पुलिस कंट्रोल रूम में लौटाए गए मोबाइल, स्वामियों के चेहरे पर दिखी खुशी: 2 सितंबर 2026 को गुना पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम में बरामद किए गए मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए। पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन की उपस्थिति में नागरिकों को उनके मोबाइल फोन वापस किए गए। जिन लोगों ने कुछ समय पहले मोबाइल फोन गुम होने के संबंध में पुलिस को आवेदन दिया था, उनमें से अनेक नागरिकों के लिए यह क्षण राहत और खुशी से भरा रहा। मोबाइल वापस प्राप्त करने वाले नागरिकों ने पुलिस की तकनीकी कार्यप्रणाली की सराहना की और अपने मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में यह संदेश भी प्रमुखता से सामने आया कि पुलिसिंग केवल अपराध की रोकथाम और कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिक की रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान में भी पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। गुम मोबाइल की बरामदगी इसी प्रकार की नागरिक-केंद्रित पुलिस सेवा का एक उदाहरण है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के नेतृत्व में जिले में तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। साइबर अपराधों के बढ़ते स्वरूप और डिजिटल उपकरणों पर नागरिकों की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए पुलिस के लिए तकनीकी दक्षता का महत्व लगातार बढ़ रहा है। मोबाइल फोन के माध्यम से होने वाले डिजिटल लेनदेन, संचार और विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं के उपयोग के कारण इनके गुम होने पर समय पर कार्रवाई आवश्यक हो जाती है। गुना पुलिस ने इस दिशा में CEIR पोर्टल का प्रभावी उपयोग करते हुए मोबाइल फोन की बरामदगी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। दो माह के दौरान 79 मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाया जाना पुलिस टीम के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। बरामद मोबाइलों में जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के नागरिकों के साथ-साथ अन्य स्थानों से संबंधित लोगों के मोबाइल फोन भी शामिल हैं। सूची में गुना, आरोन, फतेहगढ़, बीनागंज, चाचौड़ा, राधौगढ़, विजयपुर, मृगवास, बमोरी, म्याना, कुंभराज, बजरंगगढ़ सहित अन्य स्थानों के नागरिकों के नाम शामिल हैं। कुछ मोबाइल फोन अन्य जिलों से संबंधित व्यक्तियों के भी हैं, जिनकी जानकारी पुलिस द्वारा प्राप्त आवेदनों एवं तकनीकी जांच के आधार पर सामने आई। इस प्रकार यह कार्रवाई केवल एक थाना या एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि जिले के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय पुलिस अधिकारियों और साइबर टीम के समन्वित प्रयासों से संभव हुई। पुलिस द्वारा मोबाइल वापस किए जाने के दौरान नागरिकों को भविष्य में मोबाइल फोन सुरक्षित रखने, गुम होने पर तत्काल सूचना देने तथा डिजिटल सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने के लिए भी प्रेरित किया गया। नागरिकों के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि मोबाइल फोन में अनावश्यक रूप से संवेदनशील जानकारी खुले रूप में न रखें और फोन में स्क्रीन लॉक, पासकोड अथवा अन्य उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं का उपयोग करें। किसी मोबाइल के गुम होने की स्थिति में संबंधित थाने में सूचना देने के साथ-साथ आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया पूरी कराने से उसकी बरामदगी की संभावना बढ़ सकती है। पुलिस की इस कार्रवाई ने आम नागरिकों के बीच यह भरोसा भी मजबूत किया कि गुम हुई संपत्ति की तलाश के लिए पुलिस तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर रही है और शिकायतों पर प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
79 मोबाइल धारकों को मिली राहत, जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सामने आए नाम: गुना पुलिस द्वारा बरामद किए गए मोबाइल फोन के वास्तविक स्वामियों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों के नागरिक शामिल हैं। बरामदगी की सूची के अनुसार रिशु कुमार पुत्र सचिन प्रसाद निवासी फुलवारी कॉलोनी कुशमौदा गुना, धनपाल सिंह पुत्र मन्नूलाल यादव निवासी ग्राम भटोदिया, रिंकु कोरी पुत्र मुकेश कोरी निवासी ग्राम देहरी खुर्द थाना आरोन, रोशनी पुत्री बारेलाल परिहार निवासी मालपुर रोड देवनगर गुना, आकाश गुप्ता निवासी पुलिस लाइन कैंट गुना, सुरेन्द्र कुशवाह निवासी वांसखेड़ी गुना, हरिओम पुत्र पहलवान सिंह अहिरवार निवासी ग्राम मूडरा, शिवम पुत्र पप्पू प्रजापति निवासी हरिसिंह का बगीचा, जीवन पुत्र राजबहादुर जाटव निवासी कमलापुर, धर्मेन्द्र सिंह पुत्र नीलम सिंह रघुवंशी निवासी ख्यावदा कॉलोनी, फरहान खान पुत्र समीम अली निवासी हरिया नाई का बगीचा कैंट गुना, बबलेश पुत्र प्राण सिंह रघुवंशी निवासी ग्राम प्यासी तहसील आरोन, मानबाई पत्नी सोनू प्रजापति निवासी गुलाबगंज कैंट गुना, कृष्णपाल पुत्र हरवीर सिंह यादव निवासी नानाखेड़ी, कैलाश पुत्र बनवारी सेन निवासी नगाड़ा कॉलोनी, अमित पुत्र धमेन्द्र साहू निवासी खेजरा रोड कैंट गुना, फराज खान पुत्र सुल्तान खान निवासी सहयोग हॉस्पिटल रोड गुना, राहुल पुत्र कैलाश अहिरवार निवासी ग्राम इमझरा चक्क, सीताराम पुत्र नब्बूराम साहू निवासी अमीरगढ़ तहसील सिरोंज जिला विदिशा तथा प्रदुम्न पुत्र गोविन्द सिंह कुशवाह निवासी कारातला अशोकनगर हाल गुलाबगंज गुना के मोबाइल भी बरामद किए गए। इसी क्रम में महेन्द्र सिंह पुत्र रामकिशन कुशवाह निवासी साईसिटी कॉलोनी मालपुर रोड गुना, मनोज केवट पुत्र सुखमाल केवट निवासी सकतपुर, मंजेश पुत्र विष्णु गुर्जर निवासी ग्राम झिर थाना बजरंगगढ़, राकेश पुत्र सीताराम लोधा निवासी ग्राम कुड़ी मंगवार, अयूव खान पुत्र हबीव खान निवासी श्रीराम कॉलोनी, कमलेश पत्नी स्वर्गीय गोविन्द सेन निवासी वृजविहार कॉलोनी, राहुल पुत्र हीरालाल निवासी घोसीपुरा कैंट, आदित्य पुत्र आनन्द पांडे निवासी घोसीपुरा कैंट, रीना पत्नी प्रदीप रघुवंशी निवासी रेलवे कॉलोनी, अभिषेक मीना पुत्र संतोष मीना निवासी कुंभराज, रामू पुत्र भगवानलाल लोधी निवासी ग्राम विष्णुपरा थाना फतेहगढ़, तारासिंह पुत्र पप्पू भील निवासी ग्राम डिग्डोली थाना फतेहगढ़, भरत सेन निवासी बीनागंज, गोपाल सिंह पुत्र दौलतराम मीना निवासी आसाखेड़ी, संदीप पुत्र निरंजन मीना निवासी ग्राम वापचा, सुधीर पुत्र भानूप्रताप जावा निवासी चाचौड़ा, रोहित मीना निवासी महाकाल होटल बीनागंज, अंकित माली पुत्र जगदीश माली निवासी चाचौड़ा, लक्ष्मण अहिरवार पुत्र रामहेत निवासी ग्राम रतोधन थाना चाचौड़ा तथा मनोज पुत्र नरसिंहलाल पारिक निवासी लालापुरा राधौगढ़ के मोबाइल भी पुलिस द्वारा बरामद किए गए। सूची में राजकुमार धाकड़ निवासी ग्राम उदयपुरी थाना विजयपुर, संतोष पुत्र रघुवीर मीना निवासी ग्राम डोंगर थाना विजयपुर, अरूण पुत्र मोहनलाल पांडे निवासी एनएफएल विजयपुर, धनराज पुत्र मदन सिंह राजपूत निवासी ग्राम कोलूखेड़ी थाना मृगवास, अभिषेक पुत्र हिरदेश प्रजापति निवासी मृगवास, फरियादअली पुत्र मतलब अली निवासी ग्राम मृगवास, क्राइम ब्रांच इंदौर, नीरज धाकड़ पुत्र सूरज सिंह धाकड़ निवासी ग्राम सानई, गोलू भील निवासी ग्राम रामनगर लोधापुरा, रामबाबू पुत्र हरनारायण मीना निवासी ग्राम बनेट थाना कुंभराज तथा मंयक पुत्र बलवीर सिंह राजपूत निवासी होली वाला चौक राधौगढ़ के नाम भी शामिल हैं। इसी तरह बलवीर पुत्र हरिसिंह सिलावट निवासी ग्राम खजूरीडांग, राहुल पुत्र गौतम प्रसाद मीना निवासी ग्राम खेड़ली टांका थाना कुंभराज, आफताफ पुत्र इदरिस खान निवासी कटरा मोहल्ला राधौगढ़, रघुवीर पुत्र हीरालाल अहिरवार निवासी ग्राम श्रीपुरा राधौगढ़, मौवत सिंह पुत्र पन्नालाल अहिरवार निवासी ग्राम चौपड़ा थाना राधौगढ़, प्रकाश पुत्र गजेन्द्र गिरी निवासी ग्राम लोहपाल थाना बजरंगगढ़, कान्हा पुत्र दयाराम कुशवाह निवासी ग्राम पारकना थाना राधौगढ़, अमित पुत्र वीरेन्द्र धाकड़ निवासी ग्राम बरखेड़ा खुर्द थाना बदरवास जिला शिवपुरी, रामवीर पुत्र संग्राम सिंह यादव निवासी नईसराय अशोकनगर, सोनू पुत्र कल्याण सिंह राजपूत निवासी ग्राम नोनपुरा थाना बमोरी, राकेश पुत्र शनिराम आदिवासी निवासी रावसर जागीर जिला अशोकनगर, बबलू धाकड़ पुत्र दुर्गाप्रसाद धाकड़ निवासी ग्राम लपचोरा थाना बमोरी, सत्तार पुत्र नजीब खान निवासी ग्राम नोनेरा थाना बमौरी, छोटू लोधा पुत्र कैलाश लोधा निवासी ग्राम सिलसवटी थाना बमौरी, भूपेन्द्र रघुवंशी पुत्र रमेश रघुवंशी निवासी ग्राम जमरा थाना म्याना, अशोक पुत्र फूलसिंह निवासी ग्राम सिंहपुर थाना म्याना, धर्मेन्द्र पुत्र देवीलाल कुशवाह निवासी कुशमौदा गुना, राजकुमार पुत्र यमुनाशंकर शर्मा निवासी भार्गव कॉलोनी गुना, मोहन पुत्र हरिप्रसाद मीना निवासी उपरी थाना कुंभराज, अरमान पुत्र मुस्ताक मंसूरी निवासी छोटी मस्जिद गली सराफा बाजार गुना, सीताराम पुत्र श्यामलाल लोधा निवासी नयागांव थाना कैंट, मुस्कान पत्नी आरिफ छारी निवासी मालपुर रोड गुना, गीता गठिया पत्नी मोहनीश उपराले निवासी बीनागंज, नीरज वासुदेव पुत्र जगदीश वासुदेव निवासी गोविन्द नगर थाना कोतवाली ललितपुर, तनिश पुत्र पवन साहू निवासी साईसिटी कॉलोनी गुना, तोहिद पुत्र रहीस खान निवासी कटरा मोहल्ला राधौगढ़, रिंकेश पुत्र श्यामलाल अहिरवार निवासी पाटन थाना बमोरी जिला गुना तथा रूमानिया कुर्रेशी निवासी भोपाल के नाम भी बरामद मोबाइलों के वास्तविक आवेदकों की सूची में दर्ज हैं। यह सूची दर्शाती है कि गुम मोबाइलों की बरामदगी का लाभ जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों एवं आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को मिला है। पुलिस ने उपलब्ध आवेदनों और तकनीकी विवरण के आधार पर संबंधित मोबाइलों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार वास्तविक स्वामियों को सौंपा। इस पूरी प्रक्रिया में पुलिस अधिकारियों और साइबर टीम के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहा। मोबाइल फोन बरामद होने के बाद उनके वास्तविक स्वामियों की पहचान की गई और आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के पश्चात मोबाइल वापस किए गए। नागरिकों के लिए यह प्रक्रिया इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रही कि उन्हें अपने गुम मोबाइल की तलाश के लिए लगातार अलग-अलग स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी और पुलिस की तकनीकी टीम ने उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से उनकी तलाश आगे बढ़ाई। कई मामलों में मोबाइल फोन जिले की सीमाओं से बाहर पहुंच जाने के बावजूद तकनीकी प्रक्रिया के माध्यम से उनका पता लगाया गया और संबंधित कार्रवाई के बाद उन्हें बरामद किया गया।
गुम मोबाइल की सूचना तत्काल देने की अपील, तकनीकी पुलिसिंग को आगे बढ़ाने पर जोर: गुना पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन गुम हो जाता है तो वह तत्काल संबंधित थाने को इसकी सूचना दे और आवश्यक आवेदन प्रक्रिया पूरी करे। पुलिस के अनुसार गुम मोबाइल के संबंध में जितनी जल्दी जानकारी उपलब्ध होगी, तकनीकी स्तर पर उसकी तलाश शुरू करने में उतनी ही सुविधा होगी। नागरिकों को अपने मोबाइल फोन का IMEI नंबर, खरीद बिल, मोबाइल का मॉडल, सिम नंबर तथा अन्य उपलब्ध पहचान संबंधी जानकारी सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। मोबाइल गुम होने के बाद यदि नागरिक समय पर पुलिस को सूचना देता है तो CEIR जैसे तकनीकी प्लेटफॉर्म की सहायता से उसके उपकरण की पहचान एवं ट्रैकिंग की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पुलिस ने नागरिकों को यह भी सलाह दी है कि मोबाइल फोन का उपयोग करते समय डिजिटल सुरक्षा के सामान्य नियमों का पालन करें। मोबाइल में मजबूत स्क्रीन लॉक या पासकोड रखें, बैंकिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण ऐप में सुरक्षा सुविधाओं का उपयोग करें तथा किसी अनजान व्यक्ति के साथ मोबाइल से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा न करें। यदि मोबाइल फोन गुम हो जाए तो उसके माध्यम से होने वाले संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए संबंधित सेवा प्रदाता और पुलिस को समय पर सूचना देना उपयोगी रहता है। गुना पुलिस द्वारा की गई 79 मोबाइल फोन की बरामदगी से यह भी सामने आया है कि आधुनिक तकनीक का उपयोग पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के नेतृत्व में साइबर सेल और जिले के विभिन्न थानों में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारी मोबाइल संबंधी शिकायतों पर तकनीकी स्तर पर काम कर रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन में चल रही इस प्रक्रिया में साइबर टीम ने मोबाइल फोन से संबंधित उपलब्ध जानकारी का विश्लेषण किया और विभिन्न स्तरों पर समन्वय स्थापित कर बरामदगी सुनिश्चित की। साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक महेन्द्र सिंह चौहान, आरक्षक कुलदीप यादव, आरक्षक भूपेन्द्र खटीक, आरक्षक अभय रघुवंशी और महिला आरक्षक पूजा गुप्ता सहित संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण रही। पुलिस की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि आमजन की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तकनीकी संसाधनों का उपयोग लगातार बढ़ाया जा रहा है। गुम मोबाइल की बरामदगी के साथ-साथ साइबर अपराधों की रोकथाम, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण और तकनीकी सूचनाओं के आधार पर अपराधों की जांच में भी साइबर विशेषज्ञता का महत्व बढ़ रहा है। ऐसे में पुलिस बल को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना वर्तमान समय की आवश्यकता है। गुना पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयास इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे समय पर संबंधित पुलिस थाना या उपलब्ध पुलिस सहायता माध्यमों से संपर्क करें। गुम मोबाइल को लेकर किसी भी प्रकार की जानकारी छिपाने या देरी करने के बजाय तत्काल सूचना देना नागरिक के हित में है। पुलिस और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय से ही ऐसी तकनीकी कार्रवाइयों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। मोबाइल फोन की बरामदगी से नागरिकों को आर्थिक नुकसान से राहत मिलने के साथ पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है। यही कारण है कि गुना पुलिस द्वारा बरामद 79 मोबाइल फोन को वास्तविक स्वामियों को सौंपने का कार्यक्रम केवल मोबाइल लौटाने की सामान्य प्रक्रिया न होकर नागरिक-केंद्रित पुलिस सेवा का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बना। कार्यक्रम में मोबाइल प्राप्त करने वाले नागरिकों की प्रसन्नता ने यह संदेश दिया कि जब तकनीक का उपयोग संवेदनशील और व्यवस्थित तरीके से किया जाता है तो आमजन की छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
तकनीक, त्वरित कार्रवाई और जनसहयोग से सुरक्षित पुलिसिंग की दिशा में आगे बढ़ रहा गुना: गुना पुलिस की यह उपलब्धि जिले में तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वर्तमान समय में मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरण आम जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। संचार, शिक्षा, व्यापार, बैंकिंग, सरकारी सेवाओं, दस्तावेजों और सामाजिक संपर्क सहित अनेक गतिविधियां मोबाइल फोन के माध्यम से संचालित होती हैं। ऐसे में मोबाइल का गुम होना नागरिक के लिए आर्थिक और व्यावहारिक दोनों प्रकार की परेशानी का कारण बन सकता है। गुना पुलिस ने इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए गुम मोबाइल की शिकायतों पर तकनीकी दृष्टिकोण से कार्रवाई करते हुए CEIR पोर्टल का उपयोग किया और दो माह की अवधि में 79 मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता हासिल की। करीब 15.80 लाख रुपये मूल्य के मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को वापस किया जाना पुलिस के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। पुलिस की इस कार्रवाई में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों की भूमिका रही और संबंधित अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने अपने स्तर पर प्राप्त जानकारी को तकनीकी टीम के साथ साझा करते हुए कार्रवाई को आगे बढ़ाया। पुलिस का उद्देश्य आमजन को सुरक्षित और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए पारंपरिक पुलिसिंग के साथ आधुनिक तकनीक का समन्वय किया जा रहा है। गुम मोबाइल की बरामदगी में CEIR पोर्टल का उपयोग इसका एक प्रभावी उदाहरण है। इस व्यवस्था के माध्यम से मोबाइल उपकरणों की पहचान से जुड़ी तकनीकी जानकारी का उपयोग कर उनकी तलाश आगे बढ़ाई जाती है। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से यह भी संदेश जाता है कि नागरिक किसी वस्तु के गुम होने की स्थिति में उसे मामूली घटना मानकर अनदेखा न करें, बल्कि तत्काल पुलिस को सूचना दें। समय पर जानकारी उपलब्ध होने पर संबंधित तकनीकी प्रक्रिया शुरू करने में मदद मिलती है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन में साइबर टीम द्वारा किए गए प्रयासों ने इस अभियान को गति दी। साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक महेन्द्र सिंह चौहान के साथ आरक्षक कुलदीप यादव, आरक्षक भूपेन्द्र खटीक, आरक्षक अभय रघुवंशी, महिला आरक्षक पूजा गुप्ता तथा जिले के विभिन्न थानों में CEIR पोर्टल पर कार्यरत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस की ओर से कहा गया है कि तकनीकी दक्षता को और मजबूत करते हुए आमजन से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आधुनिक संसाधनों का उपयोग जारी रखा जाएगा। साथ ही साइबर अपराधों की रोकथाम और डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में भी जागरूकता बढ़ाने पर जोर रहेगा। नागरिकों की सुरक्षा, सुविधा और विश्वास को पुलिसिंग की प्राथमिकताओं में रखते हुए पुलिस और जनता के बीच सहयोग को मजबूत करना आवश्यक है। गुम मोबाइल की बरामदगी जैसी कार्रवाई इस सहयोग को सकारात्मक आधार देती है। जब नागरिक अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचता है और पुलिस तकनीकी माध्यमों से उसके समाधान के लिए प्रयास करती है, तो इससे संस्थागत विश्वास मजबूत होता है। गुना पुलिस की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों का सुरक्षित उपयोग करें, मोबाइल गुम होने पर तुरंत संबंधित थाना को सूचना दें और पुलिस द्वारा मांगी गई आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि तकनीकी माध्यमों का प्रभावी उपयोग तभी अधिक सफल हो सकता है जब नागरिक समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराएं और पुलिस प्रक्रिया में सहयोग करें। 79 मोबाइल फोन की बरामदगी और उन्हें वास्तविक स्वामियों को लौटाने की कार्रवाई इसी समन्वय का परिणाम है। पुलिस कंट्रोल रूम में मोबाइल प्राप्त करने वाले नागरिकों के चेहरों पर दिखाई दी खुशी इस पूरी कार्रवाई का सबसे सकारात्मक पक्ष रहा। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने से नागरिकों को न केवल आर्थिक राहत मिली, बल्कि उनके आवश्यक संपर्क, फोटो और अन्य व्यक्तिगत सामग्री भी वापस प्राप्त हो सकी। गुना पुलिस की यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित पुलिसकर्मी, व्यवस्थित जांच प्रक्रिया और नागरिक सहयोग के संयुक्त प्रयास से गुम संपत्ति की बरामदगी को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। पुलिस की ओर से भविष्य में भी इसी प्रकार तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। गुम मोबाइल की बरामदगी से लेकर साइबर अपराधों की रोकथाम तक पुलिसिंग के बदलते स्वरूप में तकनीक की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। गुना पुलिस द्वारा किए गए इन प्रयासों से जिले में तकनीक आधारित पुलिसिंग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। आम नागरिकों के लिए यह उपलब्धि राहत, विश्वास और सहयोग का संदेश देती है तथा यह बताती है कि अपनी शिकायत को समय पर पुलिस तक पहुंचाना और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना किसी भी तकनीकी जांच की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस प्रकार 79 गुम मोबाइल फोन की बरामदगी और करीब 15.80 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति को वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाने की कार्रवाई गुना पुलिस की नागरिक-केंद्रित एवं तकनीक आधारित कार्यप्रणाली का उल्लेखनीय उदाहरण बनकर सामने आई है।
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