
भोपाल: मध्यप्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ नेता और 6 बार के विधायक व पूर्व मंत्री पारस जैन ने अब कोई भी चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब न तो चुनाव लड़ने लायक समय बचा है और न ही वैसे लोग हैं। पारस जैन ने उज्जैन की उत्तर विधानसभा सीट से 6 बार विधायक रहने और विभिन्न विभागों में मंत्री रहने के बाद यह फैसला लिया है।
पार्टी नेतृत्व को नसीहत
पारस जैन ने पार्टी नेतृत्व को नसीहत देते हुए कहा कि पार्टी को जमीनी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि पार्टी को नीचे के कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना चाहिए और वरिष्ठ नेताओं को भी नहीं भूलना चाहिए।
पार्टी से नाराजगी की खबरों पर विराम
पारस जैन ने पार्टी से नाराजगी की खबरों पर विराम लगाते हुए कहा कि मैं पार्टी के प्रति हमेशा से वफादार था और रहूंगा। उन्होंने कहा कि मैं छह बार चुनाव लड़ा लेकिन कभी टिकट नहीं मांगी। हर बार पार्टी ने खुद टिकट दिया। चुनाव जीतने पर पार्टी ने मंत्री भी बनाया।
6 बार विधायक रहे पारस जैन
पारस जैन की गिनती मध्यप्रदेश भाजपा के दिग्गज नेताओं में होती है। वो उज्जैन की उत्तर विधानसभा सीट से 6 बार विधायक रह चुके हैं और कई विभागों में मंत्री भी रह चुके हैं। साल 1990, 1993 और फिर 2003 से लगातार 2013 तक चुनाव जीतकर विधायक बने।
2023 के चुनावों में नहीं मिला था टिकट
बता दें कि 2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने पारस जैन का टिकट काटकर अनिल जैन कालूखेड़ा को दिया था। जिसके बाद से पारस जैन किसी बड़े कार्यक्रम में भी नजर नहीं आए थे।








