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HQ Report
(शिक्षा के माध्यम से अभिभावक एवं विद्यार्थियों में जागरूकता का अद्भुत उदाहरण)
रीवा/डढ़वा। शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के निर्माण की नींव है। जब शिक्षक अपने कार्य को एक मिशन की तरह अपनाते हैं, तो परिणाम निश्चित रूप से प्रेरणादायक होते हैं। ऐसा ही प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है डढ़वा सेंटर की शिक्षिका कु. रोशनी विश्वकर्मा जी ने, जिनके प्रयासों ने न केवल विद्यार्थियों में बल्कि अभिभावकों में भी नई चेतना और सहभागिता की भावना जागृत की है।
कल आयोजित बैठक में डढ़वा सेंटर का नजारा कुछ अलग ही था। इस बैठक में लगभग सभी विद्यार्थियों के अभिभावक उपस्थित रहे, जो स्वयं में एक बड़ी उपलब्धि कही जा सकती है। आमतौर पर शैक्षणिक बैठकों में अभिभावकों की उपस्थिति सीमित रहती है, लेकिन यहाँ स्थिति बिल्कुल उलट थी — सभी माताएँ और महिलाएँ उत्साहपूर्वक सम्मिलित हुईं। यह उपस्थिति ही शिक्षिका रोशनी विश्वकर्मा जी के अथक प्रयासों और विद्यार्थियों से उनके आत्मीय संबंधों का प्रतिफल थी।
बैठक की रूपरेखा और उद्देश्य
बैठक का उद्देश्य केवल शैक्षणिक प्रगति पर चर्चा करना नहीं था, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, उनके लक्ष्यों और सामाजिक मूल्यों पर भी संवाद स्थापित करना था। रोशनी विश्वकर्मा जी ने बच्चों को अपने लक्ष्य और मित्रों के विषय में विचार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से एक चार्ट बनवाकर चर्चा कराई जिसमें बच्चों ने अपने लक्ष्य (Goals) और मित्रों (Friends) के बारे में सुंदर और रचनात्मक ढंग से प्रस्तुतिकरण किया।
इस अवसर पर बच्चों की गतिविधियों की फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें बच्चों की सृजनशीलता झलक रही थी। इसने अभिभावकों को यह अनुभव कराया कि उनके बच्चे न केवल पढ़ाई में बल्कि रचनात्मक कार्यों में भी आगे बढ़ रहे हैं।
शिक्षिका के प्रयास और सहयोगियों की भूमिका
बैठक के दौरान सेंटर के वरिष्ठ सदस्यों ने भी उपस्थित रहकर वातावरण को और प्रेरक बनाया। चूंकि पिछली विजिट के दौरान यह वादा किया गया था कि रोशनी विश्वकर्मा जी को सम्मानित किया जाएगा, इसलिए इस बैठक में श्री संजीव जी एवं श्री प्रकाश जी ने मिलकर उन्हें डायरी प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों की सराहना थी, बल्कि यह संदेश भी कि समर्पित शिक्षकों का योगदान संस्था के लिए गौरव का विषय है।








