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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 5 दिवसीय मध्यप्रदेश दौरा, कूनो नेशनल पार्क से ओंकारेश्वर तक विभिन्न कार्यक्रमों में होंगी शामिल

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भोपाल। भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आगामी 18 जून से 22 जून तक मध्यप्रदेश के पांच दिवसीय प्रवास पर रहेंगी। राष्ट्रपति के इस महत्वपूर्ण दौरे को लेकर राज्य सरकार, जिला प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। राष्ट्रपति का यह दौरा प्रशासनिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, पर्यावरणीय तथा विकासात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान वे ग्वालियर, श्योपुर, कूनो नेशनल पार्क, इंदौर, ओंकारेश्वर, बैतूल तथा जबलपुर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करेंगी और अनेक कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगी।

राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर संबंधित जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से सुदृढ़ किया जा रहा है। पुलिस, प्रशासन, विशेष सुरक्षा दल तथा अन्य एजेंसियां लगातार समन्वय स्थापित कर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई हैं। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्साह का वातावरण देखा जा रहा है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 जून को मध्यप्रदेश पहुंचेंगी। उनका पहला प्रमुख कार्यक्रम ग्वालियर क्षेत्र में प्रस्तावित है, जहां से वे हेलीकॉप्टर द्वारा श्योपुर जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध कूनो नेशनल पार्क के लिए प्रस्थान करेंगी। कूनो नेशनल पार्क वर्तमान समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान बना चुका है, क्योंकि यहां नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीता पुनर्वास परियोजना का सफल संचालन किया जा रहा है।

राष्ट्रपति का कूनो नेशनल पार्क दौरा पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव संवर्धन तथा जैव विविधता संरक्षण के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान वे पार्क की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्राप्त करेंगी तथा चीता परियोजना की प्रगति का अवलोकन भी कर सकती हैं। कूनो नेशनल पार्क देश और दुनिया के पर्यावरण प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और राष्ट्रपति का दौरा इस परियोजना को नई पहचान प्रदान करेगा।

बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति कूनो क्षेत्र में रात्रि विश्राम भी करेंगी। किसी राष्ट्रपति का इस प्रकार प्राकृतिक और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े क्षेत्र में समय बिताना पर्यावरणीय जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। उनके प्रवास को लेकर कूनो क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आवास, सुरक्षा, संचार तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा केवल प्रशासनिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी प्रमुखता दी गई है। अपने मध्यप्रदेश प्रवास के दौरान वे इंदौर और खंडवा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर भी जाएंगी। ओंकारेश्वर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

राष्ट्रपति का ओंकारेश्वर आगमन प्रदेश के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी तथा दर्शन-पूजन के कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारी प्रारंभ कर दी है। राष्ट्रपति मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना करेंगी।

ओंकारेश्वर के अतिरिक्त राष्ट्रपति का कार्यक्रम इंदौर में भी प्रस्तावित है। इंदौर शहर देश के सबसे स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। संभावना है कि राष्ट्रपति विभिन्न विकास परियोजनाओं, शैक्षणिक अथवा सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लें। इंदौर प्रशासन ने भी उनके दौरे को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

राष्ट्रपति के पांच दिवसीय कार्यक्रम में बैतूल जिले का भ्रमण भी शामिल है। बैतूल मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण आदिवासी बहुल जिला है। राष्ट्रपति स्वयं भी आदिवासी समाज से जुड़ी रही हैं और आदिवासी क्षेत्रों के विकास के प्रति विशेष संवेदनशीलता रखती हैं। ऐसे में उनका बैतूल दौरा सामाजिक और विकासात्मक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।

बैतूल में वे विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। साथ ही स्थानीय समुदाय, विद्यार्थियों, महिला समूहों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद की संभावना भी जताई जा रही है। राष्ट्रपति का यह दौरा आदिवासी विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रयासों को नई दिशा प्रदान कर सकता है।

अपने मध्यप्रदेश प्रवास के दौरान राष्ट्रपति जबलपुर भी जाएंगी। जबलपुर प्रदेश का प्रमुख सांस्कृतिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक केंद्र माना जाता है। यहां उनके विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने की संभावना है। जबलपुर में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा तथा अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा प्रारंभ कर दी है।

राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रदेश सरकार विशेष रूप से सक्रिय है। मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। सभी संबंधित जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि राष्ट्रपति का दौरा सुचारु और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से राष्ट्रपति का दौरा अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। इसी कारण विशेष सुरक्षा समूह (SPG) सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर रही हैं। हेलीकॉप्टर लैंडिंग स्थल, सड़क मार्ग, विश्राम स्थल, सभा स्थल तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा मध्यप्रदेश के लिए अनेक दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे राज्य के पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत और विकास योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है। विशेष रूप से कूनो नेशनल पार्क और चीता परियोजना को राष्ट्रपति के दौरे से व्यापक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ध्यान प्राप्त होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति का कूनो भ्रमण वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हाल के वर्षों में भारत ने वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। कूनो चीता परियोजना भी इन्हीं प्रयासों का एक प्रमुख उदाहरण है।

मध्यप्रदेश को देश का ‘टाइगर स्टेट’ कहा जाता है और अब कूनो के कारण यह ‘चीता स्टेट’ के रूप में भी पहचान बना रहा है। राष्ट्रपति का दौरा इस उपलब्धि को और अधिक प्रतिष्ठा प्रदान करेगा। इससे प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आर्थिक अवसर प्राप्त होंगे।

ओंकारेश्वर, इंदौर, बैतूल और जबलपुर जैसे विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण राष्ट्रपति के कार्यक्रम को और अधिक व्यापक बनाता है। यह दौरा प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, धार्मिक आस्था, प्राकृतिक संपदा और विकास की यात्रा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगा।

प्रदेश के नागरिक भी राष्ट्रपति के आगमन को लेकर उत्साहित हैं। विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संगठनों द्वारा स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। स्थानीय प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि सभी कार्यक्रम गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हों और राष्ट्रपति का दौरा प्रदेश के लिए एक यादगार अवसर बन सके।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह पांच दिवसीय मध्यप्रदेश दौरा केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, जनकल्याण, सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और विकास के विभिन्न आयामों को एक साथ जोड़ने वाला महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध होगा। राज्य सरकार और प्रशासन को विश्वास है कि यह दौरा मध्यप्रदेश की सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत करेगा तथा प्रदेश के विकास, पर्यटन और जनहितकारी प्रयासों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

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