
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 जून 2026 को राजधानी भोपाल में विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, बैठकों और शासकीय गतिविधियों में सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री का पूरा दिन विकास, सुशासन, तकनीकी सुदृढ़ीकरण, सांस्कृतिक संरक्षण और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विषयों को समर्पित रहेगा। निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार वे विभिन्न विभागों की गतिविधियों की समीक्षा करेंगे तथा प्रदेश के विकास से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णयों और योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अधिकारियों एवं विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दिनचर्या का शुभारंभ प्रातः 10:25 बजे भीमनगर, भोपाल में आयोजित “विकसित भारत संकल्प अभियान” अंतर्गत संवाद कार्यक्रम से होगा। इस कार्यक्रम में वे नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करेंगे। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में जनसहभागिता की भूमिका पर चर्चा की जाएगी तथा केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विकासोन्मुखी योजनाओं की जानकारी भी साझा की जाएगी। यह कार्यक्रम शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री प्रातः 11:00 बजे कुशाभाऊ ठाकरे हॉल पहुंचेंगे, जहां “राज्य डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढाँचे को मजबूत” विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में शामिल होंगे। वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। शासकीय विभागों, संस्थाओं और नागरिकों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। कार्यशाला में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, तकनीकी अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर सुरक्षित डिजिटल प्रशासन, तकनीकी नवाचार और साइबर खतरों से बचाव के उपायों पर अपने विचार रख सकते हैं।
डिजिटल शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार तकनीकी सुधारों पर जोर दे रही है। इसी क्रम में साइबर सुरक्षा से संबंधित यह कार्यशाला राज्य के विभिन्न विभागों में डेटा सुरक्षा के लिए मजबूत ढाँचा विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक साइबर खतरों, डेटा संरक्षण तकनीकों और सुरक्षा उपायों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री दोपहर 12:30 बजे मंत्रालय पहुंचेंगे। मंत्रालय आगमन के बाद वे संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक में प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के विस्तार, पर्यटन से जुड़े सांस्कृतिक पहलुओं तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। मध्यप्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों, लोक कलाओं और पारंपरिक संस्कृतियों के लिए देशभर में विशेष पहचान रखता है। सरकार इन धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है।
समीक्षा बैठक के दौरान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, आयोजनों और आगामी कार्यक्रमों की भी जानकारी प्रस्तुत की जाएगी। मुख्यमंत्री अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करेंगे ताकि संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश की पहचान और मजबूत हो सके। प्रदेश के विभिन्न अंचलों की लोक कला, लोक संगीत और पारंपरिक संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने की रणनीतियों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
दोपहर 1:30 बजे मुख्यमंत्री का मुलाकात कार्यक्रम निर्धारित है। इस दौरान वे विभिन्न जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा नागरिकों से भेंट कर उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को सुनेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले ऐसे मुलाकात कार्यक्रम शासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे आमजन को अपनी बात सीधे सरकार तक पहुंचाने का अवसर प्राप्त होता है।
मुलाकात कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधि प्रदेश के विकास, जनहित और स्थानीय आवश्यकताओं से संबंधित विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रख सकते हैं। मुख्यमंत्री द्वारा संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश भी दिए जा सकते हैं ताकि समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
दोपहर 3:00 बजे मुख्यमंत्री अपने निवास पहुंचेंगे, जहां वे आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा विभिन्न विभागों की गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जाती है और विकास कार्यों की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
दिन के अंतिम महत्वपूर्ण कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री शाम 4:00 बजे समत्व भवन में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग से संबंधित एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम प्रदेश में हरित ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से राज्य सरकार लगातार नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही है।
एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम के माध्यम से सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और अन्य वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास के लिए नए निवेश और परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। इससे प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सरकार का लक्ष्य ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करना और पर्यावरण अनुकूल विकास को गति देना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश पहले से ही सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएं मौजूद हैं। एमओयू कार्यक्रम प्रदेश को ऊर्जा निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इन सभी कार्यक्रमों को प्रदेश के समग्र विकास, सुशासन, तकनीकी सुदृढ़ीकरण, सांस्कृतिक संरक्षण और ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति से जोड़कर देखा जा रहा है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार निरंतर विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार, सुधार और जनहितकारी पहलों को आगे बढ़ा रही है।
प्रदेश के नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने, तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करने, सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित रखने तथा स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री का यह व्यस्त कार्यक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शासन-प्रशासन की विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास निरंतर जारी है।








