
Written by
HQ Report
बरेली। धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता के प्रतीक भगवान श्री चित्रगुप्त जी की तृतीय शोभायात्रा से पूर्व रविवार को बाबा तपेश्वर नाथ मंदिर प्रांगण में भव्य हवन-पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कायस्थ सेना कल्याण परिवार (रजि.) बरेली के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिकों, पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर भगवान श्री चित्रगुप्त जी का पूजन-अर्चन किया तथा धर्म और संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने विधि-विधान से आयोजित हवन एवं पूजा-अर्चना में भाग लेकर भगवान श्री चित्रगुप्त जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक वातावरण, वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की आस्था ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया।
भगवान श्री चित्रगुप्त: न्याय, कर्म और धर्म के प्रतीक

सनातन परंपरा में भगवान श्री चित्रगुप्त को यमलोक के न्यायाधीश एवं मानव के कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि वे प्रत्येक व्यक्ति के अच्छे और बुरे कर्मों का लेखा रखते हैं तथा उसी आधार पर न्याय प्रदान करते हैं।
इसी कारण कायस्थ समाज में भगवान श्री चित्रगुप्त जी के प्रति विशेष श्रद्धा और आस्था देखने को मिलती है। समाज के लोग उन्हें ज्ञान, बुद्धि, लेखन, प्रशासन और न्याय के देवता के रूप में भी पूजते हैं।
शोभायात्रा से पहले हुआ वैदिक अनुष्ठान

तृतीय शोभायात्रा के आयोजन से पूर्व मंदिर परिसर में वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार हवन-पूजन संपन्न कराया गया। विद्वान आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुतियां अर्पित की गईं और समाज की सुख-समृद्धि, राष्ट्र की उन्नति तथा विश्व कल्याण की कामना की गई।
श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना में भाग लिया और धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने धर्म और संस्कृति के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
समाज को एकजुट करने का माध्यम बन रहे धार्मिक आयोजन
वक्ताओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज को एकजुट करने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बनते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में युवाओं को अपनी परंपराओं, धार्मिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों से परिचित कराना अत्यंत आवश्यक है। भगवान श्री चित्रगुप्त जी की शोभायात्रा और उससे जुड़े आयोजन इसी उद्देश्य को साकार करने का कार्य कर रहे हैं।
कायस्थ समाज की सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में कायस्थ समाज के विभिन्न पदाधिकारियों और सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि समाज की एकता और संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से इस प्रकार के धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं।
समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि भगवान श्री चित्रगुप्त जी के आदर्श सत्य, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा पर आधारित हैं, जिन्हें जीवन में अपनाकर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
गणमान्य जनों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर कायस्थ सेना कल्याण परिवार (रजि.) बरेली के संरक्षक श्री संजीव कुमार सक्सेना, प्रदेश अध्यक्ष श्री आलोक प्रधान (एडवोकेट), प्रदेश महासचिव श्री श्यामदीप सक्सेना (एडवोकेट), प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री सागर सक्सेना, जिला अध्यक्ष श्री आलोक सक्सेना सहित संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।










