
मेयोनीज़ आज के समय में फ़ास्ट फ़ूड और स्नैक्स का लोकप्रिय हिस्सा बन चुकी है। सैंडविच, बर्गर, पिज़्ज़ा, मोमोज़ और फ्रेंच फ्राइज़ के साथ इसका इस्तेमाल आम हो गया है। स्वाद बढ़ाने वाली यह चीज़ दिखने में जितनी मलाईदार लगती है, सेहत के लिहाज़ से उतनी ही सावधानी भी मांगती है। आइए जानते हैं मेयोनीज़ का शरीर पर क्या असर पड़ता है।
मेयोनीज़ बनती किससे है?
पारंपरिक मेयोनीज़ अंडे की जर्दी, तेल, सिरका या नींबू के रस से बनाई जाती है। बाज़ार में मिलने वाली मेयोनीज़ में अक्सर रिफाइंड ऑयल, अंडा या अंडा पाउडर, प्रिज़र्वेटिव, नमक और फ्लेवर मिलाए जाते हैं। वेज मेयोनीज़ में भी फैट और केमिकल एडिटिव्स की मात्रा अधिक हो सकती है।
सेहत पर नकारात्मक असर
- वज़न बढ़ने का खतरा
मेयोनीज़ में कैलोरी और फैट की मात्रा बहुत अधिक होती है। नियमित सेवन से मोटापा बढ़ सकता है, खासकर अगर आपकी लाइफस्टाइल पहले से ही कम सक्रिय है। - दिल की सेहत पर असर
इसमें मौजूद सैचुरेटेड और ट्रांस फैट कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकते हैं, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। - पाचन से जुड़ी समस्याएं
अधिक मेयोनीज़ खाने से गैस, एसिडिटी और भारीपन महसूस हो सकता है, खासकर संवेदनशील पेट वाले लोगों में। - ब्लड शुगर और बीपी पर प्रभाव
प्रोसेस्ड मेयोनीज़ में नमक और शुगर की मात्रा छुपी होती है, जो हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ के मरीजों के लिए नुकसानदेह हो सकती है। - इम्युनिटी पर असर
लंबे समय तक अत्यधिक फैट और प्रोसेस्ड फूड लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है।
कुछ संभावित फायदे भी
- सीमित मात्रा में ली जाए तो मेयोनीज़ ऊर्जा देती है।
- घर पर बनी मेयोनीज़, खासकर ऑलिव ऑयल या कम फैट वाले विकल्पों से बनी हो, तो वह अपेक्षाकृत बेहतर हो सकती है।
- कुछ मेयोनीज़ में विटामिन E और K भी पाए जाते हैं।
किसे विशेष सावधानी रखनी चाहिए?
- मोटापा, हृदय रोग, हाई बीपी या डायबिटीज़ से पीड़ित लोगों को
- बच्चों और बुज़ुर्गों को
- पेट की समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों को
हेल्दी विकल्प क्या हैं?
- दही, हंग कर्ड या ग्रीक योगर्ट
- एवोकाडो स्प्रेड
- घर की बनी कम तेल वाली मेयोनीज़
- सरसों या ऑलिव ऑयल से बने सॉस
मेयोनीज़ स्वाद बढ़ाने वाली चीज़ है, लेकिन इसे रोज़मर्रा के भोजन का हिस्सा बनाना सेहत के लिए सही नहीं है। अगर खाना है तो कम मात्रा, कम बार और बेहतर विकल्पों के साथ खाएं। याद रखें, फिट ज़िंदगी की कुंजी संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली में ही छुपी है।








