
भारोली तिराहे पर शराब के नशे में युवक हाईवे पर बेहोश पड़ा था, समय रहते बचाई जान
भिंड। समाज में कई बार छोटी-छोटी सतर्कताएं बड़ी दुर्घटनाओं को टाल देती हैं। ऐसा ही एक मामला सोमवार को इटावा-भिंड-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-719) पर स्थित भारोली तिराहे के पास देखने को मिला, जहां एक युवक शराब के नशे में बेहोशी की हालत में सड़क के बीचोंबीच पड़ा हुआ मिला। युवक की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि किसी भी क्षण कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन मौके पर पहुंचे पूर्व विधानसभा प्रत्याशी इंजीनियर वीरेंद्र वर्मा की तत्परता और मानवीय पहल ने युवक की जान बचा ली।
हाईवे पर खतरनाक स्थिति में पड़ा था युवक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब साढ़े बारह बजे के आसपास एक युवक शराब के नशे में धुत होकर इटावा-भिंड-ग्वालियर मार्ग पर भारोली तिराहे के बीचोंबीच आकर गिर पड़ा। युवक इतनी गहरी बेहोशी में था कि सड़क पर तेज गति से गुजर रहे वाहनों को देखकर भी वह हिलने-डुलने की स्थिति में नहीं था। वहां से गुजरने वाले वाहनों के चालक उसे देखकर ब्रेक लगाकर बच रहे थे, लेकिन थोड़ी सी भी असावधानी से वह किसी भारी वाहन की चपेट में आ सकता था।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाईवे पर उस समय ट्रकों, डंपरों और बसों का आवागमन लगातार बना हुआ था। युवक की हालत देखकर ऐसा लग रहा था कि कुछ ही पलों में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। लेकिन लोगों की भीड़ होने के बावजूद कोई भी व्यक्ति उसके पास जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था।
इंजीनियर वीरेंद्र वर्मा ने दिखाई मानवीय संवेदना
उसी दौरान भिंड विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी और समाजसेवी इंजीनियर वीरेंद्र वर्मा वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने सड़क के बीचोंबीच पड़े युवक को देखकर तुरंत वाहन रुकवाया और स्थिति का जायजा लिया। यह देखकर उन्होंने तत्काल कुछ स्थानीय लोगों को बुलाया और सबकी मदद से उस युवक को सावधानीपूर्वक सड़क के किनारे सुरक्षित स्थान पर लेटाया।
वर्मा ने आसपास मौजूद लोगों से कहा कि “अगर हम सब मिलकर समय रहते ऐसे हालातों में संवेदनशीलता दिखाएँ, तो कई ज़िंदगियाँ बचाई जा सकती हैं।” उनके इस कदम से न केवल युवक की जान बच गई, बल्कि एक बड़ा सड़क हादसा भी टल गया।
स्थानीय लोगों ने की सराहना
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने इंजीनियर वीरेंद्र वर्मा की सामाजिक चेतना और तत्परता की सराहना की। लोगों का कहना था कि आजकल जहाँ अधिकांश लोग सड़क पर घायल या बेहोश व्यक्ति को अनदेखा कर आगे बढ़ जाते हैं, वहीं वर्मा ने न केवल रुककर मदद की बल्कि सुनिश्चित किया कि युवक पूरी तरह सुरक्षित स्थान पर पहुँच जाए।
स्थानीय दुकानदार रमेश लोधी ने बताया, “वर्मा जी अगर कुछ मिनट देरी से आते, तो वह युवक शायद जिंदा नहीं बचता। उनकी जागरूकता ने एक जान बचा ली।”
पुलिस को दी गई जानकारी, स्वास्थ्य विभाग से मदद की मांग
बताया जा रहा है कि इंजीनियर वर्मा ने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को भी दी, ताकि युवक की पहचान कर उसे उचित उपचार मिल सके। पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर युवक को अस्पताल भिजवाया। फिलहाल युवक की पहचान नहीं हो सकी है, परंतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा उसका इलाज करवाया जा रहा है।
इंजीनियर वर्मा ने कहा कि “हमें समाज में मानवीय दृष्टिकोण को कभी खत्म नहीं होने देना चाहिए। सड़क पर कोई घायल या बेसुध दिखे, तो हमें उसकी मदद करनी चाहिए, क्योंकि कुछ सेकंड की तत्परता किसी परिवार के लिए जीवनदान बन सकती है।”
बढ़ रहे सड़क हादसे और जागरूकता की कमी
विशेषज्ञों का कहना है कि इटावा-भिंड-ग्वालियर हाईवे पर रोजाना भारी वाहनों का दबाव रहता है। शराब पीकर सड़क पर पैदल चलना या लेटना स्वयं के लिए और दूसरों के लिए भी घातक हो सकता है। प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है, लेकिन ऐसे मामलों से यह साफ झलकता है कि जनसहभागिता के बिना सड़क सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
समाज के लिए प्रेरणा बना उदाहरण
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि यदि समाज में संवेदनशील लोग सक्रिय रहें तो कई अनहोनी घटनाओं को टाला जा सकता है। इंजीनियर वीरेंद्र वर्मा की इस मानवीय पहल ने न केवल एक युवक की जान बचाई, बल्कि समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी दिया कि “मदद करने के लिए पद या पदवी नहीं, केवल मानवीय भावना चाहिए।”








