
शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश, 39 आवेदन प्राप्त — पूर्व कुलपति ने बेटे पर मारपीट व संपत्ति विवाद का लगाया आरोप
इंदौर। आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक मंगलवार को आयोजित की जाने वाली जनसुनवाई के तहत आज दिनांक 4 नवम्बर 2025 को पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह ने कमिश्नर कार्यालय स्थित सभागार में नागरिकों की समस्याएँ सुनीं। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न प्रकार की शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा पुलिस कमिश्नर ने उपस्थित अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही कर शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।

39 शिकायतें हुई दर्ज, अधिकांश व्यक्तिगत व पारिवारिक विवाद से जुड़ीं
इस सप्ताह आयोजित जनसुनवाई में कुल 39 शिकायत आवेदन प्राप्त हुए। इनमें प्रमुख रूप से आपसी विवाद, पारिवारिक विवाद, धोखाधड़ी, भूमि संबंधी प्रकरण, महिला अपराध और अन्य पुलिस मामलों से जुड़ी शिकायतें शामिल रहीं।
जनसुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर श्री सिंह ने सभी आवेदकों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और उपस्थित क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं जांच अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए तथा किसी भी मामले में अनावश्यक विलंब न हो।
उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतों पर दी गई समझाइश
कई शिकायतें ऐसी भी सामने आईं जो प्रत्यक्ष रूप से पुलिस विभाग से संबंधित न होकर अन्य विभागों जैसे राजस्व, नगर निगम या बिजली विभाग से जुड़ी थीं। ऐसे मामलों में पुलिस कमिश्नर ने आवेदकों को संबंधित विभागों से संपर्क करने की सलाह दी और यह भी कहा कि जहाँ पुलिस सहायता आवश्यक होगी, वहाँ प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से मदद की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
जनसुनवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) श्री अमित सिंह, सभी ज़ोनल डीसीपी और संबंधित थाना प्रभारियों सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने पुलिस कमिश्नर के निर्देशानुसार आवेदकों की शिकायतों को विस्तारपूर्वक सुना और मौके पर ही कई मामलों में कार्रवाई प्रारंभ की।
पूर्व कुलपति ने बेटे पर लगाया गंभीर आरोप, पुलिस कमिश्नर भी रहे हैरान
जनसुनवाई के दौरान एक मामला ऐसा आया जिसने वहां मौजूद अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) नरेंद्र धाकड़ अपनी पत्नी के साथ जनसुनवाई में पहुँचे। उन्होंने पुलिस कमिश्नर को बताया कि उनके पुत्र अमित धाकड़ ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर भी करा लिए।
पूर्व कुलपति ने बताया कि पारिवारिक विवाद लंबे समय से चल रहा था, लेकिन अब स्थिति हिंसक रूप ले चुकी है। उन्होंने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह ने तत्काल संबंधित थाना अधिकारियों को मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों पक्षों की बात सुनकर निष्पक्ष जांच की जाए।
कमिश्नर बोले — जनता की समस्याओं का समय पर समाधान ही हमारी प्राथमिकता
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि आमजन की शिकायतों का त्वरित एवं निष्पक्ष निराकरण पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी जनसुनवाई मामलों की साप्ताहिक समीक्षा रिपोर्ट तैयार की जाए और हर आवेदन की प्रगति की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाए।
उन्होंने कहा —
“जनसुनवाई का उद्देश्य केवल सुनना नहीं, बल्कि कार्रवाई करना है। आम नागरिक की तकलीफ को समझना और उसका समाधान करना ही पुलिस की असली भूमिका है।”
जनता ने जताया संतोष
कई आवेदकों ने कहा कि पुलिस कमिश्नर द्वारा व्यक्तिगत रूप से उनकी समस्याएँ सुनना प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है। आवेदक श्रीमती कविता शर्मा ने कहा कि उनकी पारिवारिक समस्या को सुनते हुए कमिश्नर ने तत्काल थाना प्रभारी को फोन कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए।
इसी तरह, अन्य आवेदकों ने भी बताया कि पुलिस अधिकारियों द्वारा त्वरित प्रतिक्रिया से उन्हें भरोसा हुआ है कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा।
जनसुनवाई की पहल से बढ़ा जनता का विश्वास
इंदौर पुलिस कमिश्नर की जनसुनवाई अब नागरिकों में विश्वास और संवाद का सेतु बनती जा रही है। हर मंगलवार को आयोजित यह बैठक प्रशासन और जनता के बीच सीधा संपर्क स्थापित करती है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही को बल मिल रहा है।








