
2 मार्च से 17 मार्च तक होंगी परीक्षाएं, सामान्य और व्यावसायिक विषयों के प्रश्नपत्र राज्य स्तर से उपलब्ध
भोपाल। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लाखों विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा 9वीं एवं कक्षा 11वीं की वार्षिक परीक्षा सत्र 2025-26 की समय-सारणी (टाइम-टेबल) जारी कर दी गई है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं 2 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 17 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएंगी। यह परीक्षाएं राज्य के समस्त शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में एक समान तिथियों में संपन्न होंगी।
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि सामान्य विषयों के साथ-साथ व्यावसायिक विषयों (Vocational Subjects) के प्रश्नपत्र भी राज्य स्तर से ही उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे परीक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित की जा सके।
शिक्षा विभाग का उद्देश्य: एकरूपता और पारदर्शिता
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। इसी कारण राज्य शासन द्वारा इन कक्षाओं की परीक्षाओं का संचालन एक सुव्यवस्थित एवं मानकीकृत प्रणाली के अंतर्गत किया जा रहा है।
राज्य स्तर से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी जिलों और विद्यालयों में पाठ्यक्रम के अनुरूप, समान स्तर और गुणवत्ता की परीक्षा आयोजित हो सके।
परीक्षा अवधि और समय-सारणी का खाका
घोषित कार्यक्रम के अनुसार—
- परीक्षा प्रारंभ : 2 मार्च 2026
- परीक्षा समाप्त : 17 मार्च 2026
- कुल अवधि : लगभग 16 दिन
- परीक्षा पाली : प्रातःकालीन (समय विद्यालय द्वारा सूचित किया जाएगा)
परीक्षाएं अवकाश रहित कार्यदिवसों में आयोजित की जाएंगी। आवश्यकता पड़ने पर कुछ विषयों की परीक्षाएं एक ही दिन अलग-अलग पालियों में भी रखी जा सकती हैं।
कक्षा 9वीं : आधार मजबूत करने की परीक्षा

कक्षा 9वीं को माध्यमिक शिक्षा की नींव माना जाता है। इस कक्षा में विद्यार्थी पहली बार विस्तृत पाठ्यक्रम, सैद्धांतिक विषयों और वार्षिक परीक्षा प्रणाली से रूबरू होते हैं।
प्रमुख विषय
- हिंदी
- अंग्रेजी
- गणित
- विज्ञान
- सामाजिक विज्ञान
- संस्कृत / उर्दू / अन्य तृतीय भाषा
- सूचना प्रौद्योगिकी (यदि लागू)
राज्य शासन का मानना है कि कक्षा 9वीं की वार्षिक परीक्षा विद्यार्थियों को कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा के लिए मानसिक और शैक्षणिक रूप से तैयार करने में सहायक होती है।
कक्षा 11वीं : करियर की दिशा तय करने का पड़ाव

कक्षा 11वीं को विद्यार्थियों के करियर निर्माण का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इस स्तर पर विज्ञान, वाणिज्य और कला संकाय के साथ-साथ व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कराई जाती है।
प्रमुख संकाय एवं विषय
विज्ञान संकाय
- भौतिकी
- रसायन
- जीवविज्ञान / गणित
वाणिज्य संकाय
- लेखाशास्त्र
- व्यवसाय अध्ययन
- अर्थशास्त्र
कला संकाय
- इतिहास
- भूगोल
- राजनीति विज्ञान
- समाजशास्त्र
- मनोविज्ञान
व्यावसायिक विषय
- आईटी / आईटीईएस
- रिटेल
- हेल्थकेयर
- ऑटोमोबाइल
- इलेक्ट्रॉनिक्स
इन सभी विषयों के प्रश्नपत्र राज्य स्तर से तैयार कर जिला स्तर पर सुरक्षित माध्यम से भेजे जाएंगे।
व्यावसायिक विषयों पर विशेष जोर
राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में कक्षा 9वीं और 11वीं के व्यावसायिक विषयों की परीक्षा भी गंभीरता से आयोजित की जाएगी।
- प्रश्नपत्र राज्य स्तर पर विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए जाएंगे
- प्रायोगिक एवं आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा
- सैद्धांतिक परीक्षा राज्य द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार होगी
इससे व्यावसायिक शिक्षा की विश्वसनीयता और स्वीकार्यता में वृद्धि होगी।
मूल्यांकन प्रणाली और उत्तरपुस्तिकाएं
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार—
- उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन जिला स्तर पर गठित केंद्रों में किया जाएगा
- मूल्यांकन प्रक्रिया में डबल चेकिंग सिस्टम अपनाया जाएगा
- अंकों की प्रविष्टि ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी
इस व्यवस्था से परिणामों में त्रुटि की संभावना कम होगी और विद्यार्थियों को समय पर अंकसूची उपलब्ध कराई जा सकेगी।
परीक्षा संचालन के लिए दिशा-निर्देश
राज्य शासन ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) और विद्यालय प्राचार्यों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं—
- परीक्षा केंद्रों पर नकल मुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जाए
- प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखी जाए
- परीक्षार्थियों की बैठक व्यवस्था, प्रकाश और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए
- दिव्यांग विद्यार्थियों को नियमानुसार अतिरिक्त समय एवं सुविधा दी जाए
विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्सुकता
समय-सारणी जारी होने के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों में तैयारी को लेकर नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। कई विद्यालयों में—
- रिवीजन कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं
- मॉडल प्रश्नपत्र हल कराए जा रहे हैं
- कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जा रहे हैं
अभिभावकों का कहना है कि समय पर टाइम-टेबल जारी होने से बच्चों को बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
शिक्षकों की भूमिका अहम
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षा में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक—
- पाठ्यक्रम का समुचित पुनरावर्तन कराएं
- विद्यार्थियों को उत्तर लेखन की तकनीक समझाएं
- समय प्रबंधन का अभ्यास कराएं
इससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और परिणाम भी बेहतर होंगे।
डिजिटल माध्यम से निगरानी
राज्य शासन द्वारा परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए डिजिटल माध्यमों का भी उपयोग किया जाएगा—
- प्रश्नपत्र वितरण और प्राप्ति की ऑनलाइन ट्रैकिंग
- परीक्षा केंद्रों से दैनिक रिपोर्ट
- मूल्यांकन की प्रगति की डिजिटल मॉनिटरिंग
इससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
शिक्षा विभाग का संदेश
स्कूल शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल विद्यालय अथवा विभागीय सूचना पर ही भरोसा करें। साथ ही, नियमित अध्ययन, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ परीक्षा की तैयारी करें।
कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में कक्षा 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षा 2026 की समय-सारणी का जारी होना शिक्षा सत्र की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 2 मार्च से 17 मार्च 2026 तक चलने वाली यह परीक्षाएं विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
राज्य स्तर से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था न केवल परीक्षा की गुणवत्ता को सुनिश्चित करेगी, बल्कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और समानता को भी मजबूती देगी।
शिक्षा जगत को उम्मीद है कि यह परीक्षा व्यवस्था विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम सिद्ध होगी।









